होड सी लग गई हवाओं से
तुमने देखा हंसीं निगाहों से
तीर आंखें हमलावर रुख़सार (cheeks)
कौन निपटेगा इन बलाओं से
चाह कर एक अदद चाहत को (single)
जुड गए बेशुमार चाहों से
शर्तिया होगा यक़ीनन होगा (surely)
जो ना अब तक हुआ दवाओं से
चल रहा है आसमां का निज़ाम (system)
आप जैसों की ही सलाहों से
सर को दरकार सरपरस्ती की (need,guardian)
दूर मत कीजिए पनाहों से (shelter)
ये जो दिल और दिमाग रौशन हैं
आपके करम से दुआओं से (grace)
मेरे शेरो-सुख़न मुख़ातिब हैं (poetry is addressed )
शोख़ तौबा-शिकन अदाओं से (Saucy irresistible)
Lyrics By: Surendra Kumar
तुमने देखा हंसीं निगाहों से
तीर आंखें हमलावर रुख़सार (cheeks)
कौन निपटेगा इन बलाओं से
चाह कर एक अदद चाहत को (single)
जुड गए बेशुमार चाहों से
शर्तिया होगा यक़ीनन होगा (surely)
जो ना अब तक हुआ दवाओं से
चल रहा है आसमां का निज़ाम (system)
आप जैसों की ही सलाहों से
सर को दरकार सरपरस्ती की (need,guardian)
दूर मत कीजिए पनाहों से (shelter)
ये जो दिल और दिमाग रौशन हैं
आपके करम से दुआओं से (grace)
मेरे शेरो-सुख़न मुख़ातिब हैं (poetry is addressed )
शोख़ तौबा-शिकन अदाओं से (Saucy irresistible)
Lyrics By: Surendra Kumar
11:55 PM
Surya Mishra
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